
श्री गणेश चालीसा
Dedicated to भगवान गणेश • हिन्दी (Hindi)
॥ श्री ॥
॥ दोहा ॥ जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥
॥ चौपाई ॥
जय जय जय गणपति गणपति राजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥
जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥
वक्रतुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन। तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥
राजत मणि मुक्तन उर माला। स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥
प्रथम पूज्य तुम सकल पसारा। रिद्धि सिद्धि चंवर ढुलारा॥
मोदक भोग सुगन्धित सोहे। मूषक वाहन जन मन मोहे॥
जो यह पाठ करे नित ध्याना। ताको मिले परम कल्याणा॥
सकल मनोरथ पूरण होई। विघ्न विनाशक सुमिरै जोई॥
॥ इति श्री शुभम् ॥
