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Chalisa Ghar

श्री गंगा चालीसा हिन्दी लिरिक्स ও सम्पूर्ण अर्थ (Lyrics & Meaning)

सम्पूर्ण श्री गंगा चालीसा हिन्दी में दोहा, चौपाई, सरल भावार्थ एवं नित्य पाठ विधि के साथ पढ़ें।

श्री गंगा चालीसा - माँ गंगा

श्री गंगा चालीसा

Dedicated to माँ गंगा • हिन्दी (Hindi)

॥ श्री ॥

॥ दोहा ॥ जय जय जय जग पावनी, जय सुरसरि सुख दैन। भव भय हरणी नीर शुचि, हरहु तिमिर मद मैन॥


॥ चौपाई ॥

जय जय गंगे सुरसरि माता। शिव मस्तक पर तू सुखदाता॥
भगीरथ तप कीन्ह अपारा। स्वर्ग से तू भूतल पर धारा॥

जो नर तेरे जल में न्हावे। भव बन्धन से मुक्ति पावे॥

॥ इति श्री शुभम् ॥