
श्री गायत्री चालीसा
Dedicated to माँ गायत्री • हिन्दी (Hindi)
॥ श्री ॥
॥ दोहा ॥ ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड। शान्ति क्रान्ति चेतना, गायत्री अवतंस॥
॥ चौपाई ॥
जयति जयति गायत्री माता। वेद प्रसूति सद्गति दाता॥
हंस वाहिनी श्वेत वस्त्रा। कर में पुस्तक ज्ञान प्रभा॥
जो जन ध्यावै त्रिकाल सन्ध्या। पावै ज्ञान और ऋद्धि सिद्धा॥
सकल पाप भय तुरत नशावै। ब्रह्मलोक में आदर पावै॥
॥ इति श्री शुभम् ॥
