
श्री काली चालीसा
Dedicated to माँ काली • हिन्दी (Hindi)
॥ श्री ॥
॥ दोहा ॥ मातु कृपा मोहि दीजिये, करहु कालि कल्यान। असुर निकन्दन करि कृपा, कीजै अभय प्रदान॥
॥ चौपाई ॥
जय जय काली काल विनाशिनी। मुण्डमालिनी भव भय हारिणी॥
खड्ग खप्पर धारी विकराला। रक्तबीज हन्ता महाकाला॥
कष्ट क्लेश सब तुरत बिलावै। जो जन श्रद्धा सहित ध्यावै॥
जय कल्याणी जय महारानी। सकल जगत की तू कल्याणी॥
॥ इति श्री शुभम् ॥
