
श्री कृष्ण चालीसा
Dedicated to भगवान श्री कृष्ण • हिन्दी (Hindi)
॥ श्री ॥
॥ दोहा ॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥
॥ चौपाई ॥
जय यदुनंदन जय जगवंदन। जय वसुदेव देवकी नंदन॥
जय यदुराज कंस अरिमर्दन। जय गोपीजन नयन अनन्दन॥
रास रचैया नटवर नागर। करुणा निधान आनंद के सागर॥
द्रौपदी की प्रभु लाज बचाई। गीता ज्ञान सुनाइ हरषाई॥
॥ इति श्री शुभम् ॥
