
श्री शनि चालीसा
Dedicated to भगवान शनि देव • हिन्दी (Hindi)
॥ श्री ॥
॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥
॥ चौपाई ॥
जय रवि नंदन जय शनि राजा। सकल काज शुभ करहु समाजा॥
नील वरण तन कान्ति विशाला। काक वाहन अति विकराला॥
न्यायाधीश प्रभु कर्म विधाता। सुकृत कर्म फल सुखद प्रदाता॥
शमी पत्र तिल तेल चढ़ावै। कष्ट निवारण सुख संपति पावै॥
॥ इति श्री शुभम् ॥
