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श्री सूर्य चालीसा हिन्दी लिरिक्स ও सम्पूर्ण अर्थ (Lyrics & Meaning)

सम्पूर्ण श्री सूर्य चालीसा हिन्दी में दोहा, चौपाई, सरल भावार्थ एवं नित्य पाठ विधि के साथ पढ़ें।

श्री सूर्य चालीसा - भगवान सूर्य देव

श्री सूर्य चालीसा

Dedicated to भगवान सूर्य देव • हिन्दी (Hindi)

॥ श्री ॥

॥ दोहा ॥ कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अंग। पद्मासन पद्माभरण, भानु भजै सब रंग॥


॥ चौपाई ॥

जय भास्कर दिनकर सुखदाता। सकल विश्व के जीवन दाता॥
सात अश्व रथ अति सुहावन। अरुण सारथि तम विनाशन॥

नेत्र ज्योति और आरोग्यता पावे। जो प्रातः उठि अर्घ्य चढ़ावे॥
कष्ट दरिद्र सकल मिट जाई। भास्कर देव सहाय होई॥

॥ इति श्री शुभम् ॥