
श्री विष्णु चालीसा
Dedicated to भगवान विष्णु • हिन्दी (Hindi)
॥ श्री ॥
॥ दोहा ॥ जय जय श्री नारायण स्वामी, सकल भुवन के अन्तर्यामी। दीन दयाल कृपा निधि देवा, कीजै मम स्वीकारहि सेवा॥
॥ चौपाई ॥
शंख चक्र गदा पद्म विराजे। पीताम्बर अंग सुन्दर साजे॥
शेष शय्या पर शयन सुहावे। लक्ष्मी चरण कमल सहलावे॥
दसों अवतार धरा सुर त्राता। पाप विनाशन धर्म विधाता॥
जो जन विष्णु चालीसा गावे। वैकुण्ठ परम पद सो नर पावे॥
॥ इति श्री शुभम् ॥
